इतिहास एक नजर ! भारतीय महिला शतरंज !!
02/12/2017 -भारतीय महिला शतरंज चैंपियनशिप की शुरुआत वर्ष 1974 में हुई थी और इसके शुरुआती दौर में इसके स्तर और भारतीय पुरुष शतरंज के स्तर में कोई बड़ा अंतर नजर नहीं आता पर समय बीतने के साथ पुरुष शतरंज विश्वानाथन आनंद के पदार्पण से एक नए दौर में प्रवेश कर गया । शुरुमहिला शतरंज में शुरूआती दौर में खादिलकर बहनो नें एक समय तक भारतीय महिला शतरंज में अपना दबदबा रखा और उसके बाद भाग्यश्री थिप्से और अनुपमा गोखले नें शतरंज के साथ साथ देश के सर्वोच्च पुरुष्कार जैसे पद्म श्री से लेकर अर्जुन अवार्ड भी हासिल किए । फिर विजयालक्ष्मी नें पुरुष शतरंज के मुकाबलो में अपने प्रदर्शन का लोहा मनवाया । समय बीतने के साथ भारत को कोनेरु हम्पी ,हारिका और तनिया जैसे खिलाड़ी तो मिले पर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में इनकी प्रतिभागिता कम ही देखने को मिली खैर फिलहाल चल रही नेशनल चैंपियनशिप में दो खिलाड़ी पदमिनी राऊत और मैरी गोम्स तीन बार राष्ट्रीय खिताब जीत चुकी है और पदमिनी नें पिछली तीन बार की विजेता है और देखना होगा क्या वह अपना लगातार चौंथा खिताब लेने का सपना पूरा कर पाती है !